वर्षआंदोलनउद्देश्यविशेषता / परिणाम
1917-1918चंपारण सत्याग्रहबिहार के चंपारण के किसानों के उत्पीड़न के खिलाफकिसानों के अधिकार सुनिश्चित किए; गांधी का नेतृत्व पहली बार सफल हुआ।
1918खेडा सत्याग्रहगुजरात के खेडा जिले में किसानों पर ब्रिटिश कर की समस्याब्रिटिश सरकार ने किसानों के अधिकार स्वीकार किए; सत्याग्रह की सफलता।
1920-1922असहयोग आंदोलनअंग्रेज सरकार के खिलाफ विरोध और भारतीयों में स्वराज का जागरूकताकानून का पालन करते हुए अंग्रेजों के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध; गांधी ने असहयोग आंदोलन में जनता को संगठित किया।
1930नमक सत्याग्रह / दांडी मार्चअंग्रेजों के नमक कर का विरोध240 मील पैदल मार्च; जनता में देशभक्ति और स्वतंत्रता की भावना जागी; विश्व प्रसिद्ध आंदोलन।
1942भारत छोड़ो आंदोलन (Quit India Movement)ब्रिटिश सरकार को भारत छोड़ने के लिए मजबूर करनाव्यापक जन आंदोलन; गांधी सहित कई नेताओं को जेल में डाला गया; भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की नई ऊर्जा।

महत्व और सीख

  1. सत्याग्रह और अहिंसा: सभी आंदोलन शांतिपूर्ण और अहिंसात्मक थे।
  2. जन जागरूकता: हर आंदोलन में जनता को संगठित और जागरूक किया गया।
  3. सामाजिक और राजनीतिक सुधार: आंदोलन केवल राजनीतिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुधार के लिए भी थे।
  4. साहस और नेतृत्व: कठिन परिस्थितियों में नेतृत्व और साहस से बड़ा बदलाव लाया गया।